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Effect of Yagya on Thyroid

1.1 शिल्पी वर्मा व अन्य द्वारा 2018 में किये गये इस अध्ययन का उद्देश्य उप-नैदानिक Hypothyroidism पर यज्ञ चिकित्सा के प्रभावों का पता लगाना था। पिछले 2 साल और 4 महीने से Subclinical Hypothyroidism से पीड़ित एक 60 वर्षीय रोगी ने 3 महीने के लिए यज्ञ-चिकित्सा को एक अतिरिक्त चिकित्सा के रूप में लिया और यज्ञ-चिकित्सा को पूरा करने के 4 महीने बाद Post-data दर्ज किया गया था, TSH और B12 का स्तर सामान्य हो गया और रोगी की अन्य शिकायतें जैसे थकान, कमजोरी, नींद की समस्या भी पूरी तरह से ठीक हो गई थी। इस प्रकार ये अध्ययन SCH के उपचार में यज्ञ-चिकित्सा के महत्त्व को उजागर करता है।

Verma, et al., (2018)

1.2 चंद्रशेखर नौटियाल व अन्य द्वारा 2007 में किये अध्ययन का उद्देश्य वायुजनित जीवाणुओं को कम करने में औषधीय धुएं के प्रभावों का पता लगाना था। इस अध्ययन में देखा गया कि औषधीय धुएं के 1 घंटे के उपचार के बाद जीवाणुओं की संख्या में 94% से अधिक की कमी आई और औषधीय धुएं में हवा को शुद्ध या कीटाणुरहित बनाने की क्षमता है। साथ ही बंद कमरे में 24 घंटे तक Environment Cleaner रखा गया था और 30 दिनों के बाद भी खुले कमरे में रोगजनक बैक्टीरिया की अनुपस्थिति थी। इस प्रकार, वर्तमान अध्ययन ने वायुजनित जीवाणुओं को कम करने में औषधीय धुएं की प्रभावशीलता के बारे में उत्साहजनक परिणाम दिखाए।

Saraswat, et. al., (2020)