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कर्क रोग

1.1 वंदना श्रीवास्तव व अन्य द्वारा 2019 में किये गये इस अध्ययन का उद्देश्य Acute Myeloid Leukemia (एक प्रकार का रक्त कैंसर) के रोगी में सहायक देखभाल के रूप में यज्ञ थेरेपी के प्रभाव का पता लगाना था। इस अध्ययन में AML से पीड़ित एक महिला रोगी को यज्ञ चिकित्सा और कुछ अन्य आयुर्वेदिक उपचारों सहित एक समग्र दृष्टिकोण द्वारा निर्धारित किया गया था। उपचार के बाद लगभग सभी शिकायतों का पूरी तरह से समाधान हो गया था। इस प्रकार यज्ञ थेरेपी ने AML से जुड़े लक्षणों के प्रबंधन के साथ-साथ अन्य संबंधित बीमारियों के संबंध में उत्साहजनक परिणाम दिखाए।

Shrivastava, et. al., (2019)

1.2 अल्का मिश्रा व अन्य, 2018 के इस अध्ययन का उद्देश्य कैंसर रोगियों में सहायक देखभाल के रूप में यज्ञ चिकित्सा के प्रभाव का पता लगाना था। इस अध्ययन में विशेष रूप से तैयार जड़ी-बूटियों का उपयोग करके उत्पन्न औषधीय धुएं को स्तन कैंसर (Breast Cancer), मुंह का कैंसर (Mouth Cancer) और क्रोनिक मायलोइड ल्यूकेमिया (Chronic Myeloid Leukemia) के रोगियों के लिए निर्धारित किया गया था। स्वयं तैयार 10-पैमाने की प्रश्नावली का उपयोग करके QOL (quality of life) के लिए उनका मूल्यांकन किया गया था। तीनों रोगियों ने क्रमशः 12, 7 और 2 महीने तक यज्ञ थेरेपी लेने के बाद अपने QOL में सकारात्मक सुधार की सूचना दी। इस प्रकार वर्तमान अध्ययन कैंसर रोगियों में सहायक देखभाल के रूप में यज्ञ चिकित्सा के लिए उत्साहजनक परिणाम दिखाता है।

Mishra et al., (2018)